प्रारंभिक जीवन और प्रशिक्षण
चार्ल्स वेस्ट कोप, जो एक प्रसिद्ध अंग्रेजी चित्रकार थे, का जन्म 28 जुलाई, 1811 को लीड्स, यूनाइटेड किंगडम में हुआ था। उनका प्रारंभिक जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, क्योंकि 1827 में एक स्टेज कोच दुर्घटना में उनके पिता,
चार्ल्स कोप का असामयिक निधन हो गया, जो स्वयं एक जलरंग परिदृश्य चित्रकार और कला शिक्षक थे। इस दुखद घटना ने चार्ल्स के जीवन की दिशा बदल दी और उन्हें लंदन के ब्लूम्सबरी में
सस अकादमी में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित किया, और इसके बाद 1828 में वे
रॉयल एकेडमी का हिस्सा बने।
कलात्मक करियर
चार्ल्स वेस्ट कोप का कलात्मक सफर विधा (genre) और ऐतिहासिक दृश्यों को जीवंत रूप में उतारने के उनके असाधारण कौशल के लिए जाना जाता है। उनकी प्रारंभिक कृति,
द गोल्डन एज, जिसे 1833 में
रॉयल एकेडमी में प्रदर्शित किया गया था, ने उनके एक सफल करियर की नींव रखी। इसके बाद, उन्होंने दो वर्ष इटली में बिताए, जहाँ उन्होंने
द फर्स्टबॉर्न को पूरा किया, जिसे बाद में
ब्रिटिश इंस्टीट्यूशन में प्रदर्शित किया गया था।
प्रमुख कृतियाँ और सहयोग
संसद के सदनों के लिए भित्ति चित्र बनाना
ब्रिटिश कला में चार्ल्स वेस्ट कोप का सबसे महत्वपूर्ण योगदान
हाउस ऑफ लॉर्ड्स में उनके भित्ति चित्र (fresco) कार्य हैं, जिसमें
प्रिंस हेनरी द्वारा जज गैस्कोइन के अधिकार को स्वीकार करना और
एडवर्ड द ब्लैक प्रिंस द्वारा ऑर्डर ऑफ द गार्टर प्राप्त करना शामिल है। 1844 में कमीशन किए गए ये कार्य ब्रिटिश कला इतिहास में कोप के स्थान को सुदृढ़ करते हैं।
महत्वपूर्ण तिथियाँ: - 28 जुलाई, 1811: लीड्स, यूनाइटेड किंगडम में जन्म
- 1827: पिता का निधन; सस अकादमी में प्रवेश
- 1833: रॉयल एकेडमी में पहली प्रदर्शनी
- 1844: हाउस ऑफ लॉर्ड्स के लिए भित्ति चित्र बनाने का कार्य सौंपा गया
प्रमुख संग्रहालय जहाँ चार्ल्स वेस्ट कोप का कार्य प्रदर्शित है: Mus3ums.com पर चार्ल्स वेस्ट कोप की कलाकृतियाँ देखें विकिपीडिया पर चार्ल्स वेस्ट कोप के बारे में और पढ़ें