विक्टर पासमोर

1908 - 1998

संक्षिप्त जानकारी

  • Corpus themes: geometric abstraction
  • Copyright status: Under copyright
  • Works on APS: 53
  • Color intensity:
    • संतुलित
    • चमकदार
  • Typical colors:
    • मिट्टी के रंग जैसा
    • गहरे
  • Lifespan: 90 years
  • Topics explored:
    • abstract
    • geometric
  • Died: 1998
  • Museums on APS:
    • Arts Council Collection
    • ब्रिटिश काउंसिल
    • ब्रिटिश काउंसिल कलेक्शन
    • Government Art Collection
    • वॉकर आर्ट गैलरी
  • और अधिक…
  • Vibe: सौम्य और शांत
  • Nationality: यूनाइटेड किंगडम
  • Top-ranked work: Suburban Gardens
  • Emotional tone: चिंतनशील
  • Room fit: लिविंग रूम
  • Art period: आधुनिक
  • Born: 1908, चेलशम, यूनाइटेड किंगडम
  • Also known as: एडविन जॉन विक्टर पासमोर

कला प्रश्नोत्तरी

प्रत्येक प्रश्न का केवल एक ही सही उत्तर है।

प्रश्न 1:
विक्टर पासमोर ब्रिटेन में किस कला आंदोलन के अग्रदूत के रूप में सबसे प्रसिद्ध हैं?
प्रश्न 2:
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उनके अनुभवों ने पासमोर के कलात्मक विकास को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया। एक अंतरात्मा के प्रति जागरूक वस्तुनिष्ठ (conscientious objector) के रूप में उन्होंने क्या उल्लेखनीय कदम उठाया?
प्रश्न 3:
'अपोलो पवेलियन', जो एक विवादास्पद सार्वजनिक कला संरचना है, पासमोर द्वारा किस शहर में डिजाइन किया गया था?
प्रश्न 4:
किन कलाकारों ने पासमोर के अमूर्त कला की ओर संक्रमण को महत्वपूर्ण रूप से प्रेरित किया?
प्रश्न 5:
अपने कलात्मक अभ्यास के अलावा, पासमोर ने किस प्रभावशाली स्कूल से प्रेरित पाठ्यक्रम विकसित करके कला शिक्षा को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया?

विक्टर पासमोर: ब्रिटिश अमूर्तता के अग्रदूत

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

  • एडविन जॉन विक्टर पासमोर का जन्म 3 दिसंबर, 1908 को चेल्शम, सरे में हुआ था।
  • उनकी प्रारंभिक शिक्षा ऑक्सफोर्ड के समर फील्ड्स स्कूल और पश्चिम लंदन के हैरो में हुई।
  • उनके जीवन में एक निर्णायक मोड़ तब आया जब 1927 में उनके पिता का निधन हो गया, जिसके कारण उन्हें लंदन काउंटी काउंसिल में एक प्रशासनिक पद संभालने के लिए मजबूर होना पड़ा।
  • उन्होंने सेंट्रल स्कूल ऑफ आर्ट से अंशकालिक पेंटिंग सीखी और यूस्टन रोड स्कूल के साथ अपने जुड़ाव को गहरा किया।

आलंकारिक शुरुआत और युद्ध के अनुभव

  • शुरुआत में, पासमोर ने अमूर्तता के साथ प्रयोग किए, लेकिन बाद में उन्होंने एक गीतात्मक आलंकारिक शैली को अपनाया।
  • उनकी प्रारंभिक कृतियों में अक्सर हैमरस्मिथ से टेम्स नदी के दृश्यों को दर्शाया गया था, जो जे.एम.डब्ल्यू. टर्नर और जेम्स मैकनील व्हिसलर की याद दिलाते थे।
  • एक दृढ़ नैतिक रुख: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, पासमोर एक अंतरात्मा के प्रति जवाबदेह व्यक्ति (conscientious objector) थे।
  • स्थानीय न्यायाधिकरण द्वारा मान्यता प्राप्त न होने के बाद, उन्हें 1942 में सैन्य सेवा के लिए बुलाया गया। उन्होंने आदेशों को मानने से इनकार कर दिया और उन्हें कोर्ट-मार्शल किया गया, जिसमें उन्हें 123 दिनों की जेल की सजा सुनाई गई।
  • अंततः उन्होंने इस निर्णय के खिलाफ सफलतापूर्वक अपील की और सैन्य सेवा से बिना शर्त छूट प्राप्त की।

अमूर्तता की ओर संक्रमण

  • पासमोर की अमूर्त कला में वास्तविक सफलता 1947 के आसपास आई, जो पिएट मोंड्रियन और पॉल क्ली के कार्यों से गहराई से प्रभावित थी।
  • वे प्रकृति पर उनके लेखन और कला में गतिशील सामंजता के निर्माण से प्रेरित थे, उनका मानना था कि यह भविष्य के सामाजिक सामंजस्य का संकेत है।
  • प्रमुख प्रभाव: उन्होंने बेन निकोलसन और 'सर्कल' समूह से जुड़े अन्य कलाकारों से भी प्रेरणा ली।
  • उनके अमूर्त कार्यों में अक्सर कोलाज और राहत संरचनाओं (reliefs) का निर्माण शामिल था, जिसमें उन्होंने नई सामग्रियों के उपयोग की शुरुआत की और कभी-कभी बड़े वास्तुशिल्प पैमानों तक विस्तार किया।

प्रमुख उपलब्धियां और वास्तुकला का एकीकरण

  • क्रांतिकारी प्रभाव: हर्बर्ट रीड ने पासमोर की नई शैली को "युद्ध के बाद की ब्रिटिश कला में सबसे क्रांतिकारी घटना" के रूप में वर्णित किया।
  • 1950 में, उन्हें किंगस्टोन अपॉन टेम्स में एक बस डिपो के लिए एक अमूर्त भित्ति चित्र बनाने का काम सौंपा गया था।
  • उन्होंने 1951 के 'फेस्टिवल ऑफ ब्रिटेन' में एक भित्ति चित्र का योगदान दिया, जिसने कई ब्रिटिश रचनाकारों (constructivists) को प्रदर्शित किया।
  • द अपोलो पवेलियन: 1955 में, वे पीटरली डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के लिए वास्तुशिल्प डिजाइन के सलाहकार निदेशक बने। इस परियोजना का मुख्य आकर्षण 'अपोलो पवेलियन' नामक अमूर्त सार्वजनिक कला संरचना थी, जिसने काफी विवाद पैदा किया लेकिन आज भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय पहचान और उत्तरार्ध जीवन

  • पासमोर ने 1961 के वेनिस द्विवार्षिक (Venice Biennale) में ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व किया और कैसल में डॉक्युमेंटा II (1959) में भाग लिया।
  • उन्होंने टेट गैलरी के ट्रस्टी के रूप में कार्य किया और इसके संग्रह को कई कृतियाँ दान कीं।
  • शैक्षिक योगदान: वे अमूर्त कला को बढ़ावा देने और ललित कला शिक्षा में सुधार करने वाले एक प्रमुख व्यक्तित्व थे।
  • ्यता
  • 1954 से 1961 तक, उन्होंने डरहम के किंग्स कॉलेज में कला पाठ्यक्रम का नेतृत्व किया, जहाँ उन्होंने बाउहौस से प्रेरित एक प्रभावशाली सामान्य कला और डिजाइन पाठ्यक्रम विकसित किया।
  • वे 1966 में माल्टा चले गए और 23 जनवरी, 1998 को गुज्जा में 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

विरासत और ऐतिहासिक महत्व

  • विक्टर पासमोर के कार्य ने ब्रिटिश कला में एक महत्वपूर्ण मोड़ चिह्नित किया, जिससे अमूर्तता एक जीवंत शक्ति के रूप में स्थापित हुई।
  • कला और वास्तुकला के उनके एकीकरण ने पारंपरिक सीमाओं को चुनौती दी और कलाकारों एवं डिजाइनरों की अगली पीढ़ियों को प्रभावित किया।
  • 2014 में माल्टा में उद्घाटित 'विक्टर पासमोर गैलरी', वहां उनके प्रवास के दौरान बनाई गई उनकी कृतियों की एक स्थायी प्रदर्शनी का घर है।



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