फ्लैश—नवंबर २२, १९६३
स्क्रीनप्रिंटिंग
वॉल आर्ट
पॉप कला
1968
आधुनिक
एक दर्दनाक प्रतिध्वनि: एंडी वारहोल के ‘फ्लैश—नवंबर २२, १९६३’ का विश्लेषण
एंडी वारहोल का ‘फ्लैश—नवंबर २२, १९६३’ एक ऐसी पेंटिंग नहीं है जो सुकून प्रदान करती हो। यह श्रद्धा या भावना से भर कर यादों को संजोने का प्रयास नहीं करता। बल्कि यह अमेरिकी इतिहास के सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक: जॉन एफ. कैनेडी की हत्या पर एक ठंडा और विचलित प्रतिक्रिया प्रस्तुत करता है। १९६८ में निर्मित इस सिल्कस्क्रीन प्रिंट कैनेडी की त्रासदी के पांच साल बाद बनाया गया था, और यह घटना स्वयं नहीं बल्कि इस बात पर केंद्रित है कि हम उस घटना को कैसे अनुभव करते थे - मास मीडिया के निरंतर और अक्सर सुन्न लेंस के माध्यम से। यह शोक, भव्यता और दोहराव की परेशान करने वाली शक्ति पर एक कठोर चिंतन है।
सिल्कस्क्रीन प्रिंटिंग का चुनाव वारहोल द्वारा किया गया था जो कलाकृति के प्रभाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। यह वाणिज्यिक विज्ञापन तकनीक से उधार लिया गया था और इसने छवियों के प्रसार को प्रतिबिंबित करते हुए मशीनी उत्पादन की अनुमति दी थी जैसे कि १९६३ में अखबारों और टेलीविजन स्क्रीन पर होता था। छवि स्वयं कैनेडी के मुहरों का एक भूतिया लेयरिंग है जो लगभग पूरी तरह से ग्रेस्केल में हैं। ये शक्ति के शुद्ध प्रतीक नहीं हैं; वे फ्रैक्चर किए गए हैं, कई गुना बढ़ाए गए हैं और थोड़ी धुंधली हैं जैसे कि वे स्थिर या फीलिंग मेमोरी के माध्यम से देखे जा रहे हों। रंगीन रंग की कमी भावनात्मक दूरी की भावना पैदा करती है - एक दृश्य समतुल्य है जो सदमा और अविश्वास पैदा करता है। मुहरों के ज्यामितीय परिशुद्धता अराजक व्यवस्था का विरोध करती है, जो अचानक हिंसा को इंगित करती है। यह एक जानबूझकर सपाट छवि है जिसमें पारंपरिक गहराई या परिप्रेक्ष्य नहीं होता है, जो प्रिंटिंग के रूप में अपनी स्थिति पर जोर देती है - एक कॉपी की कॉपी जिसे जीवन अनुभव की तात्कालिकता से हटा दिया जाता है।
पुनरावृत्ति कैनेडी के मुहरों का गहरा प्रतीक है। यह कैनेडी स्वयं का प्रतिनिधित्व नहीं करता बल्कि अमेरिकी नेतृत्व, अधिकार और स्थिरता का विचार है - सभी हत्या द्वारा नष्ट हो जाते हैं। लेयरिंग एक अत्यधिक प्रवाहमान जानकारी का सुझाव देती है एक निरंतर बमबारी छवियों और रिपोर्टों के माध्यम से जो जनता को सुन्न कर देती है। वारहोल ने नायक चित्र बनाने या कैनेडी की मृत्यु पर हार्दिक элегию बनाने में रुचि नहीं ली थी; उसने मास संचार द्वारा अनुभव किए जाने वाले प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण किया था। यह कार्य महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक उथलपुथल के समय में उभरा था - वियतनाम युद्ध, नागरिक अधिकार आंदोलन - और सत्ता और पारंपरिक कथाओं के प्रति बढ़ती संदेह को दर्शाता है। वारहोल का प्रारंभिक वाणिज्यिक चित्रण कला के लिए अद्वितीय अंतर्दृष्टि प्रदान करता है और ‘फ्लैश—नवंबर २२, १९६३’ मास संचार प्रणाली पर एक शक्तिशाली आलोचना है।
यह एक ऐसी कलाकृति है जो आसान उत्तर या भावनात्मक कैथarsis नहीं देती है। यह दर्शक को अजीब तरह से दूर महसूस कराती है - विचलित होकर वास्तविकता का सामना करती है कि त्रासदी भव्यता बन सकती है। वारहोल ने स्वयं कैनेडी की हत्या के बारे में अपनी संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया का निर्मित शोक घटना से अधिक परेशान करने वाला था। इस अलगाव की भावना कलाकृति में स्पष्ट है। प्रिंट मास संचार के माध्यम से अनुभव किए जाने वाले प्रक्रिया को दस्तावेजीकरण करने के लिए एक शक्तिशाली कार्य है - यह कार्य महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक उथलपुथल के समय में उभरा था - वियतनाम युद्ध, नागरिक अधिकार आंदोलन - और सत्ता और पारंपरिक कथाओं के प्रति बढ़ती संदेह को दर्शाता है।
सिल्कस्क्रीन प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग वारहोल द्वारा किया गया था जो कलाकृति के प्रभाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। यह वाणिज्यिक विज्ञापन से उधार लिया गया था और इसने छवियों के प्रसार को प्रतिबिंबित करते हुए मशीनी उत्पादन की अनुमति दी थी जैसे कि १९६३ में अखबारों और टेलीविजन स्क्रीन पर होता था। छवि स्वयं कैनेडी के मुहरों का एक भूतिया लेयरिंग है जो लगभग पूरी तरह से ग्रेस्केल में हैं। ये शक्ति के शुद्ध प्रतीक नहीं हैं; वे फ्रैक्चर किए गए हैं, कई गुना बढ़ाए गए हैं और थोड़ी धुंधली हैं जैसे कि वे स्थिर या फीलिंग मेमोरी के माध्यम से देखे जा रहे हों। रंगीन रंग की कमी भावनात्मक दूरी की भावना पैदा करती है - एक दृश्य समतुल्य है जो सदमा और अविश्वास पैदा करता है। मुहरों के ज्यामितीय परिशुद्धता अराजक व्यवस्था का विरोध करती है, जो अचानक हिंसा को इंगित करती है। यह एक जानबूझकर सपाट छवि है जिसमें पारंपरिक गहराई या परिप्रेक्ष्य नहीं होता है, जो प्रिंटिंग के रूप में अपनी स्थिति पर जोर देती है - एक कॉपी की कॉपी जिसे जीवन अनुभव की तात्कालिकता से हटा दिया जाता है।
कलाकृति का विश्लेषण करने के लिए इस तकनीक को समझना आवश्यक है। यह वाणिज्यिक कला की सीमाओं को पार करते हुए पॉप कला आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह विज्ञापन, कॉमिक बुक्स और उपभोक्ता वस्तुओं को कला के वैध विषय के रूप में प्रस्तुत करता है। प्रिंटिंग प्रक्रिया का उपयोग कलाकृति के प्रभाव को समझने के लिए किया गया था। इस तकनीक का उपयोग कलाकृति के प्रभाव को समझने के लिए किया गया था।
एंडी वारहोल (1928 – 1987)
अండ्यू वारहोल एक अमेरिकी कलाकार थे जिन्होंने पॉप कला आंदोलन को नई दिशा दी। उनके प्रसिद्ध चित्रों में कैम्पबेल के सूप कैन और मैरीलिन मोरोन शामिल हैं। वे कला और संस्कृति के लिए एक प्रेरणादायक शख्सियत बने।
इस कलाकृति के बारे में
- शीर्षक: फ्लैश—नवंबर २२, १९६३
- कलाकार: एंडी वारहोल
- वर्ष: 1968
- प्रारूप: वर्गाकार
- कॉपीराइट की स्थिति: कॉपीराइट के अधीन
- गतिशीलता: पॉप कला
- कालखंड: आधुनिक
- संग्रह संदर्भ: коммерческая иллюстрация корней, слава критика
- रंगों का चयन: मोनोक्रोम
- मुख्य रंग: गुलाबी भूरा