वींद

  • पेंटिंग की तकनीककैनवस पर एक्रिलिक पेंट
  • माध्यम का प्रकारवॉल आर्ट
  • कला आंदोलनTraditional Mithila Painting
  • रचना की तिथि2015
  • आकार60.0 x 45.0 cm
  • संग्रहालयक्वींसलैंड आर्ट गैलरी | गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट

pushpa kumari kohli (1969 –)

Explore the intricate Madhubani art of Pushpa Kumari Kohli! Known for bold colors & religious themes, her work reflects rural Indian traditions & social commentary.

क्वींसलैंड आर्ट गैलरी | गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (brisbane, Australia)

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मिथिला चित्रकला का एक उत्कृष्ट नमूना: सीता की छवि

मिथिला चित्रकला बिहार के मिथिला क्षेत्र में सदियों से चली आ रही एक अद्वितीय कला परंपरा है। यह कला अपने सरल रेखाचित्रों और गहन प्रतीकों के लिए जानी जाती है, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता को दर्शाती हैं। इस लेख में हम प्रसिद्ध कलाकार पुष्पमा कुमारी कोहली द्वारा निर्मित उत्कृष्ट कृति “वींद” (सीता की छवि) का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
  • कलाकार: पुष्पमा कुमारी कोहली
  • जन्म वर्ष: १९६९
  • मृत्यु वर्ष: जीवित
  • जन्म शहर: रंति
  • जन्म देश: भारत
पुष्मा कुमारी कोहली का कलात्मक सफ़र बिहार के रंति गांव में शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने मिथिला चित्रकला के प्राचीन परंपराओं से प्रेरणा ली। उनके दादी माँ, जो मिथिला कला में महारत हासिल थीं, ने उन्हें इस कला रूप की सुंदरता और महत्व का अनुभव कराया। इस प्रारंभिक प्रभाव ने उन्हें मिथिला कला को संरक्षित करने और उसे नई अभिव्यक्ति देने के लिए प्रेरित किया। मिथिला चित्रकला विशेष रूप से महिलाओं द्वारा हाथ से निर्मित मोटे कपास कागज पर प्राकृतिक रंगों से बनाई जाती है। इन रंगों में मुख्य रूप से हल्दी पीला, नील नीला और लाल ओchre शामिल हैं। कलाकार तामांदी पेस्ट का उपयोग करके रेखाचित्र बनाते हैं जो कलाकृति को एक विशिष्ट बनावट प्रदान करता है। यह तकनीक मिथिला कला के पारंपरिक कौशल को दर्शाती है। मिथिला चित्रों में जटिल रेखाचित्रों का उपयोग किया जाता है जो प्राकृतिक तत्वों और प्रतीकों को जीवंत रूप से चित्रित करते हैं। सीता की छवि को रामayana के एक महत्वपूर्ण पात्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो भारतीय संस्कृति में प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। कलाकार ने मिथिला शैली के विशिष्ट नियमों का पालन करते हुए इस कहानी को खूबसूरती से दर्शाया है। चित्रकला में उपयोग किए गए रंग हल्के और सममित हैं। रेखाचित्रों में मुख्य रूप से काले और सफेद रंगों का उपयोग किया जाता है, जो कलाकृति को एक शांत और स्थिर आभा प्रदान करते हैं। कलाकार ने मिथिला चित्रों के पारंपरिक प्रतीकों का उपयोग किया है, जिनमें मछली उर्वरता का प्रतिनिधित्व करती है, मोर प्रेम का प्रतीक है और सांप पवित्रता का प्रतिनिधित्व करता है। इन प्रतीकों का उपयोग भारतीय संस्कृति में धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। “वींद” एक प्रेरणादायक कृति है जो मिथिला कला की सुंदरता और रचनात्मकता को प्रदर्शित करती है। यह कलाकृति न केवल एक उत्कृष्ट उदाहरण है बल्कि भारतीय कला इतिहास के एक महत्वपूर्ण भाग का भी प्रतिनिधित्व करती है। इस कलाकृति को किसी घर या कार्यालय में सजाने से निश्चित रूप से शांति और सौंदर्य का अनुभव होगा।

इस कलाकृति के बारे में

  • शीर्षक: वींद
  • कलाकार: pushpa kumari kohli
  • वर्ष: 2015
  • मूल आकार: 60.0 x 45.0 cm
  • प्रारूप: पोर्ट्रेट
  • कॉपीराइट की स्थिति: कॉपीराइट के अधीन
  • कहाँ देखें: क्वींसलैंड आर्ट गैलरी | गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट
  • माध्यम का प्रकार: वॉल आर्ट
  • रचनात्मक काल: Contemporary Tradition
  • रंगों का चयन: तटस्थ रंग

प्रमुख विशेषताएँ

  • Dimensions: ६० × ४५ सेमी
  • Notable elements or techniques: बारीक रेखाचित्र और प्रतीकात्मक चित्रण
  • Subject or theme: प्रेम और युनियन की कहानियाँ
  • Title: वींद
  • Movement: पारंपरिक कला
  • Location: संग्रहालय या संग्रह में उपलब्ध नहीं
  • Influences: मिथिला कला परंपरा

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