साल्वाडोर डाली (1904 – 1989)

सल्वाडोर डाली, सुरियलिस्ट कला के जादूगर! पिघलते घड़ियों और स्वप्निल दृश्यों से भरी उनकी अद्भुत कृतियों को देखिए। कला और पॉप संस्कृति पर उनके स्थायी प्रभाव का अनुभव करें।

इस कलाकृति के बारे में

  • शीर्षक: सल्वाडोर डाली का रहस्यमय चित्र: ‘स्लेव मार्केट विथ द डिसैपियरिंग बस्ट ऑफ वोल्फ्सॉर्गे’, १९४०। यह अतिवास्तविक कला का उत्कृष्ट कृति है जिसमें यथार्थवाद और कल्पना का मिश्रण है, जिसमें पिघलने वाली घड़ियां और गायब हो रहा वोल्फ्सॉर्गे शामिल हैं। इसके प्रतीकवाद
  • कलाकार: साल्वाडोर डाली
  • प्रारूप: लैंडस्केप
  • कॉपीराइट की स्थिति: कॉपीराइट के अधीन
  • कालखंड: आधुनिक काल
  • माध्यम का प्रकार: वॉल आर्ट
  • रंगों का चयन: गहरे
  • मुख्य रंग: सूखी लकड़ी जैसा भूरा
  • उद्देश्य: मुख्य आकर्षण
  • मुख्य शब्द: कला प्रिंट उपहार, अतिवास्तविक कला, १९४० का दशक

प्रमुख विशेषताएँ

  • Medium: तेल चित्रकला
  • Influences:
    • हौडन प्रतिमा
    • क्युबिज़्म
  • Title: स्लेव मार्केट विथ द डिसैपियरिंग बस्ट ऑफ वोल्टेयर
  • Movement: अतिवास्तववाद
  • Subject or theme: दास व्यापारिक बाजार
  • Notable elements or techniques: पिघलने वाला घड़ी, गायब हो रही वोल्टेयर प्रतिमा
  • Dimensions: ४६.५ × ६५.५ सेमी

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