सेंट डोरोथी और जॉर्ज के साथ मैडोना और शिशु

  • पेंटिंग की तकनीकपैनल पर तेल रंग
  • माध्यम का प्रकारवॉल आर्ट
  • कला आंदोलनHigh Renaissance
  • रचना की तिथि1516
  • कला कालखंडपुनर्जागरण
  • आकार86.0 x 130.0 cm
  • संग्रहालयMuseo del Prado

फ्रांसेस्को वेनियर (1490-1556) को 11 जून 1554 को डोगे के रूप में चुना गया था। उनका शासन मुश्किल से दो वर्षों तक चला, जो 2 जून 1556 को समाप्त हुआ। यह चित्रकला इस बात का एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे तिटियन ने अपने उत्तरार्ध के काल में रंगों का उपयोग किया था। यह चित्र अनगिनत रंगों में बिखरता नहीं है; केवल वस्त्रों में ही सुनहरे रंगों का एक सूक्ष्म खेल दिखाई देता है, जो दुर्बल डोगे की कोमलता को रेखांकित करता है। अब तक लैगून में लगी उस आग का कोई स्पष्टीकरण नहीं मिल पाया है, जो खिड़की के माध्यम से दिखाई दे रही है। रंगों के संदर्भ में, यह अग्नि नीले आकाश के साथ एक महत्वपूर्ण विरोधाभास उत्पन्न करती है।

टिशियानो वेसेलियो (1490 – 1576)

टिटियन, पुनर्जागरण काल के महान वेनिस चित्रकार! अपने जीवंत रंगों, शानदार चित्रों और प्रभावशाली पोर्ट्रेट्स के लिए जाने जाते हैं। वेनिस कला पर उनका गहरा प्रभाव पड़ा।

Museo del Prado (Madrid, Spain)

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इस कलाकृति के बारे में

  • शीर्षक: सेंट डोरोथी और जॉर्ज के साथ मैडोना और शिशु
  • कलाकार: टिशियानो वेसेलियो
  • वर्ष: 1516
  • मूल आकार: 86.0 x 130.0 cm
  • प्रारूप: लैंडस्केप
  • कॉपीराइट की स्थिति: सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध
  • कहाँ देखें: Museo del Prado
  • गतिशीलता: High Renaissance
  • मुख्य रंग: पुट्टी जैसा रंग
  • उद्देश्य: हाइलाइट

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