Woburn Abbey का इतिहास और उत्पत्ति
इंग्लैंड के बेडफोर्डशायर में Woburn गाँव के पूर्व में स्थित, Woburn Abbey का वंशक्रम बारहवीं शताब्दी तक फैला हुआ है। इस पवित्र स्थल की स्थापना 1145 में एक सिस्टरशियन एबे (Cistercian abbey) के रूप में की गई थी। यह मठवासी अस्तित्व 1538 तक जारी रहा, जब हेनरी VIII द्वारा सिस्टरशियन समुदाय को भंग कर दिया गया था। इस विघटन के बाद, यह संपत्ति रसेल परिवार के हाथों में चली गई। 1547 तक, यह संपत्ति रसेल परिवार और बेडफोर्ड के ड्यूक का मुख्य निवास स्थान बन गई थी।
यह भव्य हवेली आज भी बेडफोर्ड के ड्यूक का पारिवारिक निवास बनी हुई है। एक ग्रेड I सूचीबद्ध इमारत के रूप में, इस संरचना में इसके लंबे समय से चले आ रहे निवास का गौरवशाली इतिहास समाहित है। यह स्थल अपने धार्मिक आधारों से विकसित होकर एक महत्वपूर्ण कंट्री हाउस बन गया है, जिसने एक ही वंश के निरंतर संरक्षण के माध्यम से सदियों से अपनी उपस्थिति बनाए रखी है।
संपदा की वास्तुकला और विकास
इस भव्य संपत्ति की नींव विलियम रसेल, प्रथम बैरन रसेल ऑफ थॉर्नहॉघ द्वारा किए गए निर्माण से जुड़ी है। इस स्थल ने लगभग 1630 के आसपास एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा, जब बेडफोर्ड के चौथे अर्ल, फ्रांसिस रसेल ने इस मठवासी स्थल पर मैनर हाउस के पहले पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया। इसी कालखंड ने उस मूल संरचना को स्थापित किया जो सदियों तक विकसित होती रही। इसके बाद, 1787 और 1790 के बीच, हेनरी हॉलैंड के निर्देशन में इस संपत्ति का और अधिक कायाकल्प किया गया।
घर की आंतरिक जटिलता इसके कई विस्तृत स्थानों में झलकती है, जिनमें बीस से अधिक ड्राइंग रूम शामिल हैं। ये कक्ष भवन के स्वरूप में हुए विभिन्न परिवर्तनों के बावजूद अस्तित्व में रहे हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 'ड्राई रॉट' (सड़न) की खोज के बाद, Abbey के भौतिक स्वरूप में बदलाव आया और भवन के आधे हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। इन नुकसानों के बावजूद, शेष संरचना ड्यूक ऑफ बेडफोर्ड के पारिवारिक निवास के रूप में अपनी गरिमा और उपस्थिति बनाए हुए है।
Woburn Abbey के कला संग्रह
इस भव्य हवेली के आंतरिक भाग में कभी बीस से अधिक ड्राइंग रूम हुआ करते थे, जिनमें से कुछ पूरी तरह से विशिष्ट कला संग्रहों को समर्पित थे। इन कक्षों में Joshua Reynolds, Canaletto, और Anthony van Dyck की उत्कृष्ट कृतियों का एक महत्वपूर्ण समूह सुरक्षित था। इन चित्रों की उपस्थिति एक ऐसे सुव्यवस्थित वातावरण का संकेत देती है जहाँ कला को रहने के स्थानों के ताने-बाने में ही पिरो दिया गया था। इस जागीर की संपत्ति का पैमाना इतना विशाल था कि यह हवेली की दीवारों से परे तीस दुर्लभ कारों के संग्रह तक विस्तृत था।
इस संग्रह में Canaletto की कृतियाँ विशेष रूप से प्रमुखता से दिखाई देती हैं। वेनिस के दृश्यों का उनका चित्रण प्रकाश और स्थापत्य सटीकता का एक ऐसा अहसास कराता है जो इस जागीर के दृश्य चरित्र को परिभाषित करता है। इन कैनवस के सामने खड़े होकर, व्यक्ति इतालवी परिदृश्य के उस विशिष्ट वातावरण का अनुभव करता है जिसे इंग्लिश ग्रामीण इलाकों के बीच लाया गया हो। इस संग्रह में Anthony van Dyck के चित्र भी शामिल हैं, जिनकी तूलिका का जादू उस युग के चेहरों को एक विशेष शांति और जीवंतता के साथ जीवंत कर देता है।
- मार्ग्रेट, प्रिंसेस ऑफ लोरेन का चित्र, 1634 - Anthony van Dyck
- Palazzo Balbi से Rialto ब्रिज तक ग्रैंड कैनाल का दृश्य, 1730 - Canaletto
- Boaz, 1643 - Rembrandt
- The Virgin and Child, 1680 - Bartolomé Esteban Murillo
- Antwerp के पास एक ग्रामीण उत्सव - David Teniers the Younger
- एक गाँव में ईस्टर बैल के साथ परेड, 1700 - Abraham van Calraet
प्रमुख आगंतुक और ऐतिहासिक उपयोग
इस भव्य संपत्ति ने अपने गौरवशाली इतिहास के दौरान कई महत्वपूर्ण हस्तियों का स्वागत किया है। अप्रैल 1786 में, जॉन एडम्स और थॉमस जेफरसन ने इन उद्यानों की यात्रा की थी। उनकी यह उपस्थिति उस कालखंड के साथ मेल खाती है जब इस एस्टेट में महत्वपूर्ण स्थापत्य और परिदृश्य संबंधी सुधार किए जा रहे थे। इसके बाद, मार्च 1939 में, हेनरी चैन्नन ने इस संपत्ति का अवलोकन किया और युद्ध के भड़कने से ठीक पहले इसकी उत्कृष्ट देखरेख की स्थिति को रेखांकित किया।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, Woburn Abbey ने अपने पारिवारिक निवास के पारंपरिक जीवन से परे एक कार्यात्मक भूमिका भी निभाई। 1941 से, यह स्थल 'पॉलिटिकल वारफेयर एक्जीक्यूटिव' के मुख्यालय के रूप में कार्य करने लगा। यह संगठन अपने लंदन कार्यालयों का संचालन बीबीसी के बुश हाउस से करता था। इस संघर्ष के दौरान एब्बी का यह उपयोग, युद्ध के समय देश की बदलती प्राथमिकताओं और इसकी बदलती भूमिकाओं को खूबसूरती से दर्शाता है।
